- कांग्रेस पार्टी के
सैम पित्रोदा ने दिया विवादित बयान
- जनता की सम्पत्ति
का 55 प्रतिशत सरकार का हो ऐसा मेरा मानना है
- अमेरिका के विरासत
टैक्स की का दिया हवाला, इस कानून को ठहराया सही
कांग्रेस,
देश की सबसे पुरानी राजनैतिक पार्टी, जिसने वर्तमान में अपना अस्तित्व समाप्त करने
का बीड़ा उठाया है....हालांकि वह समाप्त तो भारतीयता और सनातन धर्म को करना चाहते
हैं, लेकिन ये संभव हो ही नहीं पायेगा। इसलिए यह मान लीजिए की कांग्रेस पार्टी
2024 में अपना आखिरी चुनाव न लड़ रही हो, जिस तरह की विचारधारा से ये पार्टी
ग्रसित होती जा रही है वो दिन दूर नहीं कि इसे जनता समाप्त कर दें।
पिछले
कई काफी वक्त से लगातार कांग्रेस पार्टी के नेता और राष्ट्रीय स्तर के प्रवक्ता
पार्टी से किनारा कर चुके हैं, इनमें से कई व्यक्तियों ने न्यूज चैनलों और यूट्यूब
के कई चैनलों पर अपना वक्तव्य दिया है जिसका संक्षिप्त विवरण मात्र इतना है कि
कांग्रेस पार्टी को समाप्त करने में राहुल गांधी का सीधा हाथ साबित होगा। न्यूज
एजेंसी एएनआई द्वारा एक्स(ट्वीटर) पर ओवरसीज में कांग्रेस पार्टी के मुखिया सैम
पित्रोदा का एक वीडियों जारी किया गया है जिसमें लोगों के मृत्यु के बाद उनकी आधी
से ज्यादा संपत्ति को सरकार द्वारा जब्त करने की वकालत की गयी है। सैम ने अमेरिकी
कानून का हवाला दिया है, पित्रोदा का ये बयान राहुल गांदी के संपत्ति के सर्वे और
उसे दोबारा बांटने के अपने चुनावी वादे के दौरान आया है।
पित्रोदा ने अपने बयान में कहा
कि “अमेरिका
में एक विरासत कर (इनहेरिटेंस टैक्स) है। अगर किसी व्यक्ति के पास 100 मिलियन डॉलर है और
जब वह मरता है तो वह केवल इसका 45% ही अपने बच्चों को दे सकता है, 55% सरकार के खजाने में
जाता है। इस कानून के अनुसार, आपने अपने समय में सम्पत्ति
बनाई और अब इसे जनता के लिए छोड़ दीजिए। पूरी नहीं तो कम से कम आधी तो जनता के लिए
छोड़ ही दें। मुझे ये एकदम सही लगता है।”
इसके
बाद सैम पित्रोदा ने इस कानून की वकालत में कहा, “भारत में ऐसा कोई
कानून नहीं है, भारत
में अगर किसी के पास 10 बिलियन डॉलर (लगभग ₹82,000 करोड़) हैं और वह
मरता है तो उसके बच्चों को पूरे 10 बिलियन डॉलर मिलते हैं। जनता को
उसमे से कुछ नहीं मिलता। यह कुछ मामले हैं जिन पर बहस और विचार होगा। जब हम
सम्पत्ति दोबारा से बाँटने के बारे में बात करेंगे तो इसका मतलब नए कानून और
नीतियों पर बात करना होगा।”
सैम
पित्रोदा ने आरोप लगाया कि भारत के लोग अपने नौकरों को पैसा नहीं बांटते बल्कि उस
पैसे से दुबई और विदेश घूमने टहलने जाते हैं। उन्होंने बताया कि कॉन्ग्रेस यदि
सत्ता में आती है तो वह नौकरों और घर में काम करने वालों को कितना पैसा दिया जाए
इसके लिए भी नियम बनाएगी।
गौरतलब
है कि कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी लगातार देश के लोगों के सम्पत्ति के सर्वे की
बात कर रहे हैं। कॉन्ग्रेस के मेनिफेस्टो में भी सर्वे की बात की गई है। राहुल
गाँधी ने यह भी कहा है कि सर्वे के बाद सम्पत्ति का दोबारा से बँटवारा किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र
मोदी ने राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस के इस चुनावी एजेंडे को लेकर हमला बोला है। उन्होंने
कहा है कि कॉन्ग्रेस महिलाओं का मंगलसूत्र छीनना चाहती है। कॉन्ग्रेस के सम्पत्ति
बँटवारे की योजना को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी विरोध हुआ है।