ताजा खबर ये है कि नरेंद्र मोदी तानाशाह बन चुके है..... भारत में 2024 का लोकसभा चुनाव
लोकतांत्रिक तौर-तरीकों से होने जा रहा हैं जो शायद देश का आखिरी चुनाव
साबित हो...क्योंकि नरेंद्र मोदी ये चुनाव जीतने के बाद देश से चुनावी
प्रक्रिया को समाप्त कर खुद को आजीवन तानाशाह...माफ कीजिएगा.......आजीवन प्रधानमंत्री
घोषित कर देंगे....इस विषय पर आपकी क्या राय है जरूर बताईये ....तो एक तानाशाह की
तानाशाही के खिलाफ खुलकर बोलना शुरु करूं उससे पहले आप सभी दर्शकों को खुद की तानाशाही दिखाते हुए
एक्सपोज टाइम्स को सब्सक्राईब कर लेना चाहिए, बेल आईकन भी दबा
लेना चाहिए....लाइक और शेयर भी करना चाहिए और हमारी आर्थिक सहायता करने का
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तो आईये जानते है कि देश के इतिहास का सबसे बड़ा तानाशाह
क्या कर रहा है.....भारत में इन दिनों राजनैतिक ताना-बाना ऐसा बुन चुका
है कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे व्यक्ति ने कुछ लोगों का शाही आनंद छीन लिया है और
इसके चलते कुल मिला जुला कर......
इस घटना क्रम को तानाशाही कहना उचित होगा...तानाशाही इस कदर है
कि हम और आप सिर्फ मुंह खोल कर बोल पा रहे हैं वर्ना हम तो सरकार चला रहे होते...देश के इस कठोरतम
तानाशाह के खिलाफ आये दिन लोग सिर्फ अनर्गल बयानबाजी, गाली गलौज ही कर पा
रहे है....देश को जलाने की मात्र धमकी ही दे पा रहे है....कुछ लोग मात्र भारत
के बहुसंख्यक समाज को सिर्फ 15 मिनट में उनकी औकात बताने की चेतावनी ही तो दे पा रहे है भारतीय
मूल सनातन धर्म के सर्वनाश करने के लिए खुले मंच से सिर्फ लोगों को भड़का ही पा
रहे है। तो आपने समझा कि भारत में किस कदर तानाशाही हावी हो चुकी है और भारत के
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही वह शक्स है जो भारत को तानाशाही से चला रहे हैं।.....मानसिक दिवालियापन
का इससे बेहतर उदाहरण क्या होगा कि एक व्यक्ति दो बार लोगसभा चुनाव जनता के द्वारा
दिये गये वोटों से जीतकर सत्ता संभाल रहा है और अपने घोषणा पत्र के तमाम वादे पूरा
कर रहा है उसे लोग तानाशाह घोषित कर रहे हैं....इसमें भी दो राय
नहीं है कि नरेंद्र मोदी के शासन काल में कमिया नहीं है बहुत सारे मुद्दे ऐसे है
जिनपर उनका ध्यान नहीं है या वह उसपर कुछ कर रही पा रहे हैं। लेकिन लोगों द्वारा
चुने गये प्रधानमंत्री को तानाशाह कहना कितना उचित हैं।
यदि तानाशाही का उदारहण चाहिए तो जर्मनी का एडोल्फ हिटलर, इटली का बेनिटों
मुसोलिनी, सोवियत संघ का व्लादिमीर इलीइच लेनिन, रशिया का जोसेफ
स्टालिन, चीन का माओ त्से तुंग, लीबिया का मुअम्मर
गद्दाफी, युगांडा का इदी अमीन, इराक का सद्दाम
हुसैन, पाकिस्तान का याह्या खां, पाकिस्तान का
मोहम्मद जिया उल हक, मिस्र का होस्नी मुबारक, उत्तर कोरिया का किम
जोंग, हैती का फ्रांसवा डूवलियर, ईरान का अयातुल्ला
खुमैनी, स्पेन का फ़्रांसिस्को फ़्रैंको, ये उन तनाशाहों के
नाम है जिन्होंने हजारों लाखों लोगों की जान ली है। तानाशाही क्या होती है ये
जानना है तो जिन नाम का जिक्र मैंने किया है उनका इतिहास भूगोल आप इंटरनेट के जरिए
जान सकते हैं और यदि भारत में तानाशाही की बात की जाए तो इस्लामिक आक्रांता और
अंग्रेज भी तानाशाहो की श्रेणी में ही आते हैं.....और यदि आजाद भारत की
बात की जाए तो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का इमरजेंसी काल ज्यादा पुरानी बात
नहीं है जिसमें कांग्रेस की एक नेता द्वारा तानाशाही का परिचय दिया गया था।
लोकतांत्रिक तरीके से चुनकर आने वाले नेता को यदि कुछ तथाकथित वामपंथी गिरोह के
लोग नरेंद्र मोदी को तानाशाह कहते हैं तो मैं ये मानता हूं कि देश को इसी नेता की
जरूरत हैं.....
रही बात नरेंद्र मोदी के तानाशाही की तो ये कैसा तनाशाह है
जो अपने खिलाफ उठने वाले आवाज को भी दबा नहीं पा रहा है, कोई भी मुंह उठाकर
बोल लेता है ये तानाशाही का नमूना तो नहीं है.....
साल 2014 में
नरेंद्र मोदी को भारत की जनता ने 31 प्रतिशत वोट देकर 282 सीट पर विजयी बनाया था, वहीं पांच साल के बाद इस तानाशाह को लोगों ने और पसंद किया फिर 2019 में 37.3 प्रतिशत
वोट देकर 303 सीट
दिलायी....और
इसके एवज में इस तानाशाह ने देश की जनता को क्या दिया.....तीन
लाख 80 हजार
किमी गांव की सड़के बनायी.....60 हजार गाव को सड़कों से जोड़ा.....दो लाख पंचायतों को आप्टिकल फाईबर से जोडा, 80 करोड़
लोगों को राशन दे रहा है....देश की चार करोड़ गरीब जनता के लिए
आवास बनवाये.....उज्जवला
योजना के तहत दस करोड़ गैस कनेक्शन दिये.......11 करोड़ इज्जत घर यानी शौचालय बनवाये...भारत
के कोढ़ रूपी धारा 370 को हटाया, मुस्लिम
महिलाओं के स्वावलंबन के लिए तीन तलाक हटवाया....और
आखिरी में 500 सालों
की वेदना झेल रहे हिन्दू समाज को अयोध्या का राम मंदिर मिला......इससे
भी बड़ी उपलब्धी बतायी जाये तो वो ये है कि पिछले दस वर्षों में देश में आतंकवादी
घटनाओं का नगण्य होना, पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक करके मुंहतोड़ जवाब देना.....और भारत में पल रहे आतंकवादियों को जन्नत का रास्त दिखाना......भारत
के लोगों को अपने भारतीय होने पर गर्व की अनुभूति कराना....सबसे
पहले कोरोना के दौरान सबसे पहले वैक्सीन का निर्माण कराकर वैक्सिनेशन कराना और
दुनिया को वैक्सीन देना....इतना ही नहीं दुनिया के बड़े से बड़े देश नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को स्वीकार
कर रहे हैं...... ये सब
इसी तानाशाह द्वारा किये गये कार्य है जिसके चलते भारत आज देश की पांचवी सबसे बड़ी
अर्थ व्यवस्था बन चुकी है....और नरेंद्र मोदी ने ये भी संकल्प कर लिया है कि आने वाले समय में देश हित में
और भी बड़े फैसले लेने वाले है और भारत को विकसित बनाने के लिए कार्य करेंगे.......तो 2024 के
लोकसभा चुनाव में जनता बतायेगी की उसे ये तानाशाह चाहिए या कोई और.....