इजरायल और ईरान के बीच हालात खराब हो चुके है। ईरान ने शनिवार (13 अप्रैल 2024) को इजरायल की ओर सैकड़ों ड्रोन और मिसाइल से हवाई हमला किया। इतना ही नहीं, ईरान ने भारत की ओर आ रहे एक कार्गो जहाज को भी कब्जे में लिया। इस जहाज के चालक दल में 17 भारतीय भी शामिल हैं, जो फिलहाल ईरान के कब्जे में हैं। विश्व के नेताओं ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है।
इज़रायल के सैन्य
प्रवक्ता डैनियल हगारी ने एक टेलीविज़न बयान में कहा, “ईरान ने अपने
क्षेत्र से इज़रायल के क्षेत्र की ओर यूएवी लॉन्च किए। हम प्रक्षेपणों के खिलाफ कार्रवाई
करने और उन्हें रोकने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और क्षेत्र में अपने सहयोगियों
के साथ निकट सहयोग में काम कर रहे हैं।” इजरायल का हमले की पुष्टि
अमेरिका के ह्वाइट हाउस ने भी की है।
ह्वाइट हाउस ने कहा कि ईरान ने इजरायल के खिलाफ हवाई हमला शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता एड्रिएन वॉटसन के अनुसार, राष्ट्रपति जो बाइडेन को उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में नियमित रूप से अपडेट किया जा रहा है। बाइडेन इजरायली अधिकारियों के साथ-साथ अमेरिकी साझेदारों और सहयोगियों से भी लगातार संपर्क में हैं।
ईरानी कमांडो ने
शनिवार (13 अप्रैल
2024)
को
17
भारतीय
चालक दल के सदस्यों को ले जा रहे एक इजरायली-संबद्ध कंटेनर जहाज को जब्त कर लिया।
ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड के सदस्य एक हेलीकॉप्टर से होर्मुज जलडमरूमध्य के पास
पुर्तगाली ध्वज वाले एमएससी एरीज़ पर उतरे और जहाज को ईरानी जलक्षेत्र में ले गए।
यह जहाज भारत आ रहा था।
यह जहाज लंदन स्थित ज़ोडियाक मैरीटाइम से जुड़ा
है। ज़ोडियाक मैरीटाइम इज़रायली अरबपति इयाल ओफ़र के ज़ोडियाक समूह का हिस्सा है।
जिनेवा स्थित एमएससी ने जब्ती की बात स्वीकार की और कहा कि जहाज पर चालक दल के कुल
25
सदस्य
सवार थे। आईआरएनए ने कहा कि गार्ड की नौसेना की एक विशेष इकाई ने जहाज पर हमला
किया।
नई दिल्ली में स्थित
सूत्रों के हवाले से मीडिया में कहा गया है, “हम जानते हैं कि एक मालवाहक
जहाज ‘एमएससी
एरीज़’ को
ईरान ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। हमें पता चला है कि जहाज पर 17
भारतीय नागरिक हैं। हम भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, कल्याण और शीघ्र
रिहाई सुनिश्चित करने के लिए तेहरान और दिल्ली दोनों में राजनयिक चैनलों के माध्यम
से ईरानी अधिकारियों के संपर्क में हैं।”
बता दें कि ईरान और
इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और संभावित लड़ाई को देखते हुए कुछ दिन पहले भारतीयों के
लिए ट्रैवल एडवायजरी की थी। भारत ने यात्रा सलाह
जारी कहा था कि भारतीयों ‘क्षेत्र
में मौजूदा स्थिति को देखते हुए’ ईरान और इज़रायल की यात्रा नहीं
करें। अमेरिका सहित कुछ अन्य देशों ने भी भी ऐसा ही सलाह जारी किया था।
ईरान और इजरायल के
बीच जंग को लेकर भारत ने बयान जारी किया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम इजरायल और ईरान
के बीच बढ़ती शत्रुता से गंभीर रूप से चिंतित हैं। इससे क्षेत्र में शांति और
सुरक्षा को खतरा है। हम तनाव को तत्काल कम करने, संयम बरतने, हिंसा से पीछे हटने
और कूटनीति के रास्ते पर लौटने का आह्वान करते हैं।”
भारतीयों की स्थिति को लेकर विदेेश मंत्रालय ने
आगे कहा, “हम
उभरती स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। क्षेत्र में हमारे दूतावास भारतीय समुदाय
के लोगों के साथ निकट संपर्क में हैं। यह महत्वपूर्ण है कि क्षेत्र में सुरक्षा और
स्थिरता बनी रहे।” हालाँकि, मालवाहक जहाज पर
सवाल चालक दल में शामिल 17 भारतीयों
को लेकर अभी कोई बयान नहीं आया है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी इजरायल के खिलाफ ईरान के हमले की निंदा की
है। उन्होंने कहा, “मैं
इजरायल के खिलाफ ईरानी शासन के हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ। इन हमलों
से तनाव बढ़ने और क्षेत्र के अस्थिर होने का खतरा है। ईरान ने एक बार फिर
प्रदर्शित किया है कि वह अपने ही क्षेत्र में अराजकता फैलाने पर आमादा है।”
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने एक वीडियो बयान जारी किया है, जिसे उनके एक्स
हैंडल पर पोस्ट भी किया गया है। खामेनेई ने अपने बयान में है कहा कि इजरायली शासन
सभी बुराइयों, गलती
और द्वेष की जड़ है।
आभार: ऑप इंडिया