- बंगाल में चुनाव के दौरन हो चुकी गड़बड़ियों को देखते हुए
आयोग ने उठाया कदम
चुनाव
को लेकर पश्चिम बंगाल संवेदनशील औऱ विवादित रहा है इसे देखते हुए चुनाव आयोग ने लोकसभा
चुनाव के दौरान बंगाल में चुनाव से जुड़े हर वाहन में GPS सिस्टम लगाने का
निर्णय किया है, जिसके आदेश जारी कर दिये गये हैं। ये सभी गाड़ियां आयोग की
निगरानी में रहेंगी। चुनाव आयोग ने बंगाल में एक चुनाव अधिकारी का भी तबादला किया
है।
चुनाव
आयोग के आदेशानुसार बंगाल में चुनाव प्रक्रिया से संबंधित प्रत्येक वाहन में
जीपीएस लगाया जाए। इसमें वह वाहन भी शामिल होंगे जिसमें ईवीएम को मतदान स्थल तक ले
जाया जाएगा। साथ ही चुनाव से जुड़े अन्य अधिकारियों औऱ कर्मचारियों के वाहन में
जीपीएस लगेगा।
यह
आदेश चुनाव आयोग ने चुनाव अधिकारियों को भेज दिया है। चुनाव आयोग ने बताया कि वह सभी
वाहनों में लगे इन GPS से EVM की गतिविधि पर नजर रखेगा। मतगणना सामग्री बाँटने वाले केन्द्रों से
लेकर पोलिंग बूथ तक यह गतिविधि चुनाव आयोग जाँचेगा। कोई भी गड़बड़ी होने पर चुनाव
अधिकारी और ड्राईवर को तलब किया जाएगा।
चुनाव
आयोग के अनुसार, “GPS ट्रैकिंग प्रणाली का उपयोग चुनाव से एक दिन पहले वितरण केंद्र और
प्राप्ति केंद्र (डीसीआरसी) से मतदान केंद्र तक ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक मतदाता मशीन)
और अन्य मतदान सामग्री की आवाजाही की निगरानी होगी, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि
मतदान के बाद स्ट्रांग रूम में लाते समय कोई छेड़छाड़ ना हो।”
गौरतलब है कि चुनाव आयोग चुनाव के समय EVM, मतदान कर्मचारियों
और अन्य सामग्रियों को मतगणना केन्द्रों से पोलिंग बूथ तक पहुँचाने के लिए बड़ी
संख्या में गाड़ियों का उपयोग करता है। इनमें से अधिकांश गाड़ियाँ किराए पर ली जाती
हैं। चुनाव प्रक्रिया के बाद इन गाड़ियों को लौटा दिया जाता है। अब इन्हीं गाड़ियों
में आयोग GPS ट्रैकर लगाएगा।
चुनाव
आयोग ने पश्चिम बंगाल में एक चुनाव अधिकारी का तबादला करने का भी निर्णय लिया है। चुनाव
आयोग ने बंगाल के संयुक्त चुनाव अधिकारी राहुल नाथ को चुनाव आयोग से हटा दिया है।
उनकी जगह पर अर्नब चैटर्जी को संयुक्त चुनाव अधिकारी बनाया गया है। पश्चिम बंगाल
में सभी सात चरणों में चुनाव होगा। इसकी शुरुआत 19 अप्रैल से होगी और
अंतिम चरण 1 जून
को है। इसके नतीजे 4 जून, 2024 को आने हैं। पश्चिम
बंगाल में मुख्य लड़ाई TMC और भाजपा के बीच में है।