एक्सपोज टाइम्स डेस्क। पश्चिम बंगाल में
हुगली से लोकसभा सीट से बीजेपी की प्रत्याशी लॉकेट चटर्जी की कार पर भीड़ ने हमला
कर दिया। छह अप्रैल को चटर्जी बंसुरिया क्षेत्र के एक मंदिर में काली पूजा पर
आयोजिक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रही थी। लॉकेट चटर्जी का कहना है कि भीड़ कहाँ से आई
थी यह न तो स्थानीय लोगों को पता है और न ही पुलिस को। उन्होंने बताया कि घटना के
दौरान मौके पर सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के नेताओं की मौजूदगी थी। साथ ही बताया है कि भीड़ में
शामिल एक व्यक्ति ने दो बार उन्हें मारा और उनकी कार में घुसने की कोशिश की। भाजपा
ने पुलिस पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए कहा है कि यह हमला वोटरों को डराने के
लिए किया गया है।
न्यूज एजेंसी ANI से
बातचीत में लॉकेट चटर्जी ने हमले के बारे में बताया है। हर दिन की तरह वे 6 अप्रैल
की रात करीब 9:30 बजे चुनाव प्रचार खत्म कर आदिशक्ति गाँव के रास्ते बंसुरिया की तरफ जा रही
थी। वहाँ कालीतला नाम के एक जगह से उन्हें काली पूजा का निमंत्रण मिला था। पूजा
करने और लोगों से मिलकर जब वे निकलने लगी तो ‘भीड़’ ने उन्हें घेर लिया। लंबे-लंबे डंडे में काले झंडे लगाए लोग ‘गो बैक’ के नारे लगा रहे थे।
चटर्जी ने बताया कि ‘भीड़’ ने चारों तरफ से उनकी कार
को घेर लिया। जब उनके सुरक्षाकर्मी ‘भीड़’ को हटाने की कोशिश कर रहे थे और वे खुद इस घटना का वीडियो बना रहीं थी तो
एक व्यक्ति ने उनपर 2 बार हमला किया। कथित तौर पर इस व्यक्ति ने चटर्जी की कार में घुसने की
कोशिश भी की। लेकिन उनके ड्राइवर ने उसे धक्का देकर बाहर किया और गेट को लॉक कर
दिया।
लॉकेट चटर्जी ने बताया है
कि भीड़ हिंसा पर उतारू थी। उन्हें गंभीर रूप से घायल करना चाहती थी। उनकी सूचना पर
जब पुलिस मौके पर आई तो वह ‘भीड़’ में शामिल लोगों की पहचान करने में विफल रही। आरोप है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस
की नेत्री शिल्पी चटर्जी और इसी पार्टी का वार्ड पार्षद रंजीत इस ‘हिंसक भीड़’ के साथ खड़ा दिखा था।
चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए लॉकेट चटर्जी ने शिल्पी सहित अन्य आरोपितों को जेल
भेजने की माँग की है।
इस हमले का वीडियो भी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में नारेबाजी करती भीड़ को
सुरक्षाकर्मियों से उलझते देखा जा सकता है। कुछ लोग कार का बोनट भी पीट रहे हैं।
भाजपा नेत्री ने इस हमले के पीछे का मकसद वोटरों को डराने की साजिश बताया है।
उन्होंने कहा है कि यह हमला उन्हें रोकने का प्रयास है जो सफल नहीं होगा। भाजपा का
आरोप है कि ममता बनर्जी की पश्चिम बंगाल पुलिस इस मामले में चुप बैठी है।