बदायूँ में आयुष और
आहान मर्डर केस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दिल दहला देने वाली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट
बताती है कि बच्चों को किस खौफनाक तरीके से मारा गया। हत्यारों ने आयुष और आहान का
गला रेतने के साथ ही 23 वार
और भी किए। आयुष के शरीर पर 14 जगहों
पर काटने के निशान मिले हैं, जो
ये बताता है कि आयुष ने खुद को बचाने के लिए कितना संघर्ष किया है। दोनों बच्चों
का पोस्टमार्टम 20
तारीख की सुबह के
समय किया गया। वहीं, हत्यारे
साजिद का भी पोस्टमार्टम कर दिया गया, जिसके
शरीर में गोलियों के तीन निशान मिले हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, हत्यारे साजिद ने तीनों बच्चों
आयुष (13 वर्ष), युवराज (10 वर्ष) और आहान (8 वर्ष) के गले पर वार किया। इस
बीच युवराज घायल अवस्था में ही बचकर भाग निकला, लेकिन जबतक लोग मदद के लिए पहुँच पाते, उसने आयुष और आहान को मार डाला।
आयुष के शरीर पर 14
जगहों पर काटने के
निशान मिले हैं,
तो हत्यारे साजिद
ने 8 साल के आहान पर 9 जगहों पर काटा है। गला रेतने के
साथ ही उसके गले को पीछे से भी काटा गया है, तो
कान के ऊपर भी पीछे की तरफ चाकू घोंपा गया है। जो ये बताता है कि हत्यारे साजिद ने
इनकी जान लेने के दौरान कोई बर्बरता नहीं छोड़ी।
इस हत्याकांड के
समय सबसे बड़े बच्चे आयुष ने जमकर संघर्ष भी किया है। मीडिया रिपोर्ट्स ये बताती हैं कि हत्या की जगह
दीवारों तक पर खून फैला मिला और बच्चों के उंगलियों के निशान भी मिले। क्योंकि
आयुष ने गला कटने के बाद भी संघर्ष जारी रखा, जिसके
बाद उसके हाथ पर,
कंधे पर, सीने पर, गले पर पीछे से, उंगलियों पर, कलाई पर वार किया गया। उसके
शरीर पर 2 सेमी से लेकर 7 सेमी गहरे घाव मिले हैं, जबकि गले को पाँच सेमी की गहराई
तक 15 सेमी तक के कट लगे हैं। पोस्ट
मार्टम रिपोर्ट बताती है कि आयुष के साथ किस तरह की जघन्यता बरती गई।
पोस्टमार्टम
रिपोर्ट के मुताबिक, शरीर
पर 14 जगहों पर घाव के निशान मिले
हैं। कुछ निशान एक वार के हैं, तो
कुछ की चौड़ाई इतनी ज्यादा है कि वो एक वार के दिखते नहीं। इस रिपोर्ट के मुताबिक…
पहला निशान: सामने से गले पर 15cmx5cm का सबसे बड़ा घाव, जिसकी वजह से गले से जुड़े कई
अंग कट गए। स्वास नली भी छतिग्रस्त। ये घाव वैसे ही है, जैसे कसाई किसी जानवर को जिबह
करता है।
दूसरा निशान : दाहिने कंधे पर पीछे की तरफ 6cm x 1cm का घाव। माँसपेशियों की गहराई तक।
तीसरा निशान: दाहिने कंधे के जोड़ पर 7cm गहरा और 4cm चौड़ा हड्डियों के अंदर तक घाव, मानों यहाँ कई वार हुए हों।
चौथा घाव : दाहिने हाथ पर ऊपर की तरफ की
घाव, माँसपेशियों के अंदर तक।
पाँचवाँ घाव : दाहिनी कलाई से थोड़ा ऊपर बाहर
की तरफ 4cm x
2cm का घाव
छठाँ निशान : दाहिनी कलाई में अंदर नीचे की
तरफ से 5cm x
3cm का घाव, जो कलाई को हाथ से जोड़ता है, वहाँ पर माँसपेशियों के अंदर
तक।
इसी तरह से सातवाँ
घाव भी हाथ पर हुआ है, जिसमें
निचली हथेली पर 4cm
का घाव मिला है।
आठवाँ वार दाहिने हाथ की अनामिका उंगली (रिंग फिंगर) पर, जो 2 सेमी गहरा है। नौंवाँ वार बाएँ
हाथ के बीच की ऊंगली पर, लगभग
ये उंगली भी कट चुकी है। दसवाँ वार बाएँ हाथ की हथेली पर हुआ है, अंदर हड्डियों की गहराई तक घाव
हुआ।
11वाँ वार बाएँ कंधे पर अंदर की
माँस पेशियों तक हुआ है, जो
6cm गहरा है।
12वाँ वार बाएँ कान के नीचे
हड्डियों तक 3सेमी गहरा घाव मिला है।
13वाँ निशान 6cm गहरा और 1.5cm चौड़ा है, जो सिर में पीछे की तरफ है।
चौदहवाँ निशान
दाहिने फेफड़े में पीछे की तरफ से 6cm x 4cm के
बड़े घाव के रूप में मिला है, जिसमें
चाकू अंदर की माँसपेशियों तक चला गया।