भारत में लागू हो
गया सीएए
नागरिकता संसोधन
अधिनियम को गृहमंत्रालय ने सोमवार को भारत में लागू कर दिया है। सीएए नियमों की
अधिसूचना जारी हो गयी है। लोकसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले सीएए की अधिसूचना
जारी होना केंद्र सरकार का बड़ा फैसला है। इस कानून के लिए नियमावली और ऑनलाईन
पोर्टल तैयार है।
साल 2019 में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कानून पर गृह मंत्रालय ने नागरिकता संशोधन कानून नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। लेकिन नागरिकता के लिए कैसे अप्लाई करना है, इस पर गृह मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी है। गृह मंत्रालय के अनुसार, इसमें सिर्फ आनलाइन ही आवेदन किए जा सकेंगे। इनका नाम सिटिजनशिप अमेंडमेंट रूल्स 2024 रहेगा और पात्र लोग ही वेबसाइट पर आवेदन कर सकेंगे।
सरकार इसके लिए एक वेब पोर्टल भी लेकर आएगी। वेबसाइट पर जाने के बाद सबसे पहले दिखेगा कि सीएए आवेदन कैसे किया जाए। उसके बाद प्रोसेस के लिए एक अलग पोर्टल बनाया जा रहा है। जहां पर सभी आवेदन ऑनलाइन स्वीकार किए जायेंगे।
गृह मंत्रालय ने एक्स पर ट्वीट कर जानकारी दी। सीएए लागू होने से बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के गैर-मुस्लिम प्रवासियों के लिए भारतीय नागरिकता प्राप्त करना आसान बनाता है। यह कानून 31 दिसंबर 2014 को और उससे पहले भारत आए सभी प्रवासियों पर लागू है।
नागरिकता संशोधन कानून क्या है?
सीएए 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी मुस्लिम-बहुल देशों से आए हिंदुओं, सिखों, ईसाइयों, बौद्धों, जैनियों और पारसियों के लिए भारतीय नागरिकता का मार्ग प्रदान करने के लिए नागरिकता अधिनियम 1955 में संशोधन करता है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने अपने पिछले चुनाव घोषणापत्र में सीएए के कार्यान्वयन का वादा किया था, लेकिन इसके नियमों को अधिसूचित नहीं किया गया था। उसी वादे के तहत, गृहमंत्री शाह ने लोकसभा चुनाव से पहले इस कानून का नोटिफिकेशन जारी किया।
अधिनियम के 2019 संशोधन के तहत, 31 दिसंबर,
2014 तक भारत में प्रवेश करने वाले और अपने मूल देश में धार्मिक उत्पीड़न या भय या
धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने वाले प्रवासियों को कानूनतः नागरिकता दिया जाएगा।