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वाराणसी के पत्रकारों के लिए बनेगा मीडिया हाउस: मंत्री हंसराज विश्वकर्मा


- सरकार से पत्रकारों व समाचार पत्र कर्मियों के लिए कैश लेश चिकित्सकीय सुविधा की उठी मांग

- हिन्दी पत्रकारिता दिवस के दो सौ वर्ष संपूर्ति पर काशी के वरिष्ठ पत्रकारों का हुआ सम्मान

- उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में आयोजित हुई संगोष्ठी

 

वाराणसी। वाराणसी में पत्रकारों के लिए जिला मुख्यालय पर एकत्र होने के लिए मात्र एक पीपल का पेड़ है जिसके नीचे उनकी जुटान होती है। इसके अतिरिक्त उनके लिए कोई ठौर के लिए न तो शासन और प्रशासन ने कभी सोचा। लेकिन शनिवार को उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने पत्रकारों हेतु मीडिया हाउस बनवाने का आश्वासन दिया। उक्त बात उन्होंने उत्तर प्रदेश एसोसिएशन आफ जर्नलिस्ट (उपज) द्वारा आयोजित हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा। इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारों के हितार्थ अपना पूर्ण सहयोग देने का वादा किया है।

मुख्य अतिथि हंसराज ने कहा कि पत्रकारों की जो भी समस्याएं हैं उसको प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री तक पहुंचा कर उसे पूरा करने का प्रयत्न किया जाएगा। उन्होंने उपज के महामंत्री मोनेश श्रीवास्तव से अनुरोध किया है कि वह एक प्रतिवेदन तैयार कर उन्हें दे जिसे वे प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री तक प्रेषित कर उसे क्रियान्वित करने का प्रयास करेंगे।


काशी के मुर्धन्य पत्रकारों का सम्मान

यूपी एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट द्वारा प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर शिवपुर स्थित होटल रविंद्राया रेजिडेंसी में संगोष्ठी एवं पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर काशी के मूर्धन्य पत्रकारों को पत्रकारिता शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया। जिसमें वरिष्ठ पत्रकार शुभकार दुबे, सुरेश प्रताप सिंह, योगेश कुमार गुप्त, विकास पाठक, शरद वाजपेयी एवं प्रदीप उपाध्याय को सम्मानित किया गया।

समारोह के विशिष्ट अतिथि कांची कामकोटि पीठ के प्रतिनिधि श्री बी एस सुब्रह्मण्यम मणि ने कहा जिस प्रकार भगवान भास्कर के दर्शन कर हम दिन की शुरुवात करते है, उसी प्रकार सुबह समाचार पत्रों के माध्यम से हमें देश विदेश की गतिविधियों से अवगत होते है। इस लिए हमारे समाज में पत्रकारों की भूमिका बहुत अहम हो जाती है।


इस अवसर पर संगोष्ठी में बोलते हुए मुख्य वक्ता बीएचयू पत्रकारिता विभाग के आचार्य डॉ. बाल लखेंद्र जी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना है तो हमें अंग्रेजियत छोड़नी होगी। आज पूरे देश में हिंदी पत्रकारिता अपना एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इसलिए हमारे पत्रकारों को राष्ट्र उत्थान के लिए कार्य करना होगा।

विशिष्ट अतिथि पूर्व विधान परिषद सदस्य श्री चेत नारायण सिंह ने कहा कि पत्रकारिता आज जोखिम का कार्य हो गई है फिर भी दुर्भाग्य है कि पत्रकारों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था आज भी नहीं है।

पत्रकारों के लिए कैशलेस की हो सुविधा

काशी के वरिष्ठ पत्रकार व उपज के अध्यक्ष विनोद बागी ने अपने संबोधन में मंत्री हंसराज के समक्ष मांग रखी कि जिस प्रकार सभी को चिकित्सा सुविधा सरकार प्रदान कर रही है लेकिन आज पत्रकारों को कोई चिकित्सीय सुविधा न देना बहुत ही दुर्भाग्य है। सरकार से पत्रकारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिये जाने की मांग की। उन्होंने कहां कि पत्रकार अपनी लेखनी से समाज की समास्याओं को शासन व प्रशासन के समक्ष रखता है लेकिन वह अपनी समस्या को नहीं कह पाता है। पत्रकारिता के शुरुआत से ही पत्रकार कई संकटों से जूझता रहा है जिसमें एक संकट आर्थिक भी है, जिसके चलते वह कई समस्याओं का सामना करता है, इसमें सबसे बड़ी समस्या चिकित्सा सुविधा की भी है।

पत्रकारिता का उद्देश्य राष्ट्रधर्म सर्वप्रथम

कार्यक्रम का संचालन करते हुए उपज के महामंत्री ने दौ सौ वर्ष पूरे होने पर हिन्दी पत्रकारिता के इतिहास पर प्रकाश डाला, साथ ही उन्होंने कहां कि यदि हम पत्रकारिता में राष्ट्रधर्म सर्वप्रथम के उद्देश्य से कार्य करेंगे तभी हम सच्ची पत्रकारिता के वाहन बन सकते हैं।

इस अवसर पर एक संगीत का भी आयोजन किया। विश्व प्रसिद्ध तबला वादक पंडित अशोक पांडे ने तबला वादन किया औऱ वायलिन पर संगति पंडित सुखदेव मिश्र जी ने की उन्होंने अपनी जुगलबंदी से लोगों का मंत्र मुग्ध का दिया।

कार्यक्रम का संचालन महामंत्री मोनेश श्रीवास्तव ने, स्वागत उद्बोधन उपज उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने एवं धन्यवाद उपाध्यक्ष अनिल जायसवाल जी ने किया। इस अवसर के उपज संगठन के कोषाध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव, जिला मंत्री संतोष कुमार, महावीर प्रसाद श्रीवास्तव, प्रज्ञा मिश्रा, मनीष श्रीवास्तव, संतोष कुमार श्रीवास्तव, कमलेश केशरी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया। 

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