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कानपुर पुलिस के हाथ-पाव उस समय फूल गये जब आईटीबीपी के कई
दर्जन हथियार बंद जवान कमिश्नरेट ऑफिस पर धमक पड़े। देखते ही देखते जवानों ने पूरे
ऑफिस को घेरकर छावनी में तब्दील कर दिया। मामला था एक जवान की मां का डॉक्टरों
द्वारा का हाथ काटे जाने और पुलिस और सीएमओ द्वारा इस मामले में लापरवाही बरतने
का। इससे नाराज जवानों ने कमिश्नरेट परिसर को घेर लिया। एक घंटे बाद कमिश्नर,
सीएमओ और आईटीबीपी अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।
कहां से शुरु हुआ पूरा विवाद
आइए जानते हैं...
ITBP की 32वीं बटालियन महाराजपुर में तैनात कमांडो विकास सिंह मूल रूप से फतेहपुर
जिले के खागा हथगाम क्षेत्र के रहने वाले हैं। मामला उनकी मां निर्मला देवी के
इलाज से जुड़ा है। विकास का आरोप है कि टाटमिल चौराहा स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में
इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन और लापरवाही के कारण उनकी मां के हाथ में गंभीर
संक्रमण फैल गया, जिसके चलते बाद में डॉक्टरों को उनका हाथ
काटना पड़ा।
विकास सिंह ने बताया कि उनकी
56 वर्षीय मां को सांस लेने में दिक्कत,
कब्ज और कमजोरी की शिकायत थी। पहले उन्हें ITBP अस्पताल में दिखाया गया, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर 13
मई 2026 को हायर सेंटर रेफर किया गया। रास्ते
में भीषण जाम होने के कारण वह उन्हें तत्काल टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल ले गए।
वहां डॉक्टरों ने ऑक्सीजन सपोर्ट दिया और हाथ में कैनुला लगाया। विकास का आरोप है
कि इसी दौरान गलत इंजेक्शन लगाए जाने से हाथ काला पड़ने लगा और संक्रमण तेजी से
फैल गया। बाद में निर्मला देवी को पारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन संक्रमण इतना बढ़ चुका था कि डॉक्टरों को उनका हाथ काटना पड़ा।
विकास सिंह ने भावुक होते हुए कहा मेरी मां के इन्हीं हाथों ने मुझे बचपन से
पाला-पोसा। आज मेरे सामने उनका हाथ काट दिया गया। मैं सेना में होकर भी अपनी मां
को इंसाफ नहीं दिला पा रहा हूं।
पहले भी अस्पताल पर लगे
गंभीर आरोप
ITBP के लाइजनिंग ऑफिसर
अर्पित सिंह ने दावा किया कि कृष्णा हॉस्पिटल पर पहले भी इलाज में लापरवाही के
आरोप लग चुके हैं। उन्होंने कहा कि एक महिला कांस्टेबल और एक इंस्पेक्टर की मौत भी
कथित लापरवाही के चलते हुई थी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
की मांग की। विकास सिंह पहले अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय
पहुंचे थे और अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस कमिश्नर ने मामले की
जांच CMO को सौंपी थी। हालांकि पहली जांच रिपोर्ट में कोई
स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकल पाया और कार्रवाई नहीं हुई। इसी से नाराज होकर ITBP
के जवान बड़ी संख्या में कमिश्नरेट पहुंच गए।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई
होगी
वहीं इस मामले में CMO हरिदत्त नेमी का कहना है कि मामले की
दोबारा जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में नई टीम गठित की गई है। टीम
अस्पताल पहुंचकर सभी दस्तावेजों, मेडिकल रिपोर्ट और संबंधित
पक्षों के बयान दर्ज करेगी। जबकि एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर विपिन ताडा ने
बताया कि किसी प्रकार का घेराव नहीं हुआ था। ITBP के जवान
अपने अधिकारियों के साथ तय समय पर आए थे। उनकी आपत्तियों के बाद पुलिस,
ITBP और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने
स्पष्ट किया कि नई जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।