- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिन के दौरे पर पहुंचे भारत
- पालम एयरपोर्ट पर पहुंचकर मोदी ने गले लगाकर किया स्वागत
XposeTimesNewsDesk.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार को भारत पहुंच चुके है। दो
दिनों के दौरे पर भारत आये पुतिन का ये दौरा वैश्विक राजनीति के लिए एक बहुत बड़ी
घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। राष्ट्रपति पुतिन को पालम एयरपोर्ट पर उनका
स्वागत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे और अपने वाहन से उन्हें लेकर
प्रधानमंत्री आवास पहुंचे। राष्ट्रपति पुतिन के ये दौरान रूस यूक्रेन युद्ध शुरु
होने के बाद पहली बार है। इससे पहले पुतिन एक दिवसीय दौरे पर वर्ष 2021 में आये
थे।
पुतिन
के अगमन पर कई ऐसे घटनाक्रम देखने को मिले जिसने भारत-रूस के रिश्तों की मजबूती को
दुनिया के समक्ष उजागर किया है। मोदी ने पुतिन को गले लगाया इसके बाद उन्हीं के
कहने पर पुतिन सफेद एसयूवी में दाहिनी ओर बैठे। जहां से वह मोदी के साथ सीधे
प्रधानमंत्री आवास पहुंचे। रूस की ओर से क्रेमलिन ने एक बयान जारी करके बताया कि
उन्हें भी भारत द्वारा किए गये इस गर्मजोशी से स्वागत की जानकारी नहीं थी,
क्रेमलिन की ओर से बताया गया कि उनके राष्ट्रपति पुतिन का एयरपोर्ट पर स्वागत करने
प्रधानमंत्री मोदी स्वयं मौजूद रहेंगे इसकी
जानकारी उन्हें नहीं थी।
वैश्विक राजनीति के लिए बहुत
खास है ये मुलाकात
रूस और भारत के बीच हो रही
ये मुलाकात वैश्विक परिदृश्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि रूस भारत को अपना
सबसे अच्छा दोस्त मानता है तो वहीं भारत रूस को अपने सुख-दुख का साथी कहता है।
लेकिन वर्तमान वैश्विक परिस्थितियां ऐसी है कि रूस को आधी दुनिया अलग-थलग करने में
और चारों ओर से उसपर दबाव बनाने में जुटा हुआ है। रूस और यूक्रेन युद्ध के बाद से
अमेरिका और यूरोप लगातार रूस की ओर तिरछी नजरों से देख रहे हैं और भारत पर भी इस
बात का दबाव बनाने में जुटे है कि वह रूस से व्यापारिक संबंध को न्यूनतम करें।
भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने
को लेकर अमेरिका को बहुत बुरा लगा था लेकिन भारत ने रूस के प्रति प्रतिबद्धता से
कोई समझौता नहीं किया।
रूस और भारत की ये दोस्ती
रूस भारत को अपना दशकों पुराना दोस्त मानता था और मानता है, कई अवसरों पर रूस भारत के समर्थन में तत्पर रहा है वहीं भारत भी दोस्ती निभाने से पीछे नहीं हटा। आतंकी देश पाकिस्तान पर हुए ऑपरेशन सिंदूर में जिस एस 400 की विशेष चर्चा हो रही थी और जिसने पाकिस्तान के दांत खट्टे किए थे वह रूस द्वारा भारत को दिया गया था। कुछ दिनों पहले रूस की ओर से सुखोई 57 विमान को लेकर कहा गया कि भारत जब चाहे जैसे चाहे रूस उसे बिना शर्त के पूरी टेक्नोलॉजी देने को तैयार है। रूस की ओर से किया गया ये दावा ये दर्शाता है कि रूस भारत के लिए हर परिस्थिति में खड़ा है। इसके पीछे जाए तो रूस और यूक्रेन युद्ध के दौरान जब यूरोप और अमेरिकी दबाव में कई देशों ने रूस से क्रूड ऑयल लेना बंद किया था उसे दौरान भारत ने तेल खरीद बंद नहीं की, भारत के इस कदम को भारत द्वारा रूस की आर्थिक संबल के तौर पर भी देखा गया।
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