- थल सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर नाम प्रधानमंत्री ने दिया था
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा में सौ किलोमीटर तक घुस कर कार्रवाई की है, ये जानकारी आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मध्य प्रदेश के रीवा में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहां कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पीएम मोदी ने उन्हें खुली छूट दी थी। उन्होंने कहा कि दुश्मन पर विजय प्राप्त करने के अलावा, ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य संप्रभुता, अखंडता और शांति की पुनः स्थापना करना था। यह प्रधानमंत्री ही थे, जिन्होंने कहा था कि इसका नाम ऑपरेशन सिंदूर होगा। जब भी कोई बेटी, मां या बहन अपने माथे पर सिंदूर लगाती है, तो दुआएं देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर खड़े सैनिक के लिए जाती हैं।
आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी अपनी जन्मभूमि पहुंचे थे, यहां टीआरएस कॉलेज में आयोजित
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास और शांति बहुत
जरूरी है। "दूसरों पर और खुद पर विश्वास बहुत जरूरी है। तीनों सेनाओं
के प्रमुखों को मिलकर काम करना था। तीनों सेनाओं के प्रमुख शांत रहे। वे हमेशा
मुस्कुराते हुए नजर आए। हमारी शांति ने देश के लोगों को विश्वास दिलाया कि वे
सुरक्षित हाथों में हैं।"
प्रधानमंत्री ने दे दी
थी खुली छूट
आर्मी चीफ ने बताया की प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी की ओर से तीनों भारतीय सेनाओं को खुली छूट मिल चुकी थी। साहस की
अहमियत बताते हुए कहा कि ऐसे युद्धों में जोखिम बहुत अधिक होता है। जोखिम को कम
करने के लिए, हमने हर हमले का मुकाबला किया और सीमा पार 100 किमी तक घुस गए। हमारे राजनीतिक नेताओं की सोच स्पष्ट थी। इतिहास में ऐसा
पहले कभी नहीं हुआ कि प्रधानमंत्री ने सेनाओं को खुली छूट दी हो।" उन्होंने
कहा, "भविष्य की चुनौतियां आ रही हैं। ये चुनौतियां हैं
अस्थिरता, अनिश्चितता, जटिलता और
अस्पष्टता। आप और मैं इस बारे में बिल्कुल अनभिज्ञ हैं कि भविष्य में क्या होने
वाला है। ट्रम्प आज क्या कर रहे हैं? मुझे लगता है कि ट्रम्प
को भी नहीं पता कि वह कल क्या करने वाले हैं। चुनौतियां इतनी तेजी से आ रही हैं कि
जब तक आप एक पुरानी चुनौती को समझने की कोशिश करते हैं, तब
तक एक नई चुनौती सामने आ जाती है, और वही सुरक्षा चुनौतियां
जिनका हमारी सेना सामना कर रही है। चाहे वह सीमा पर हो, आतंकवाद
पर हो, प्राकृतिक आपदाओं पर हो या साइबर युद्ध पर हो।"
जेनरेशन Z ही
भारत को आगे बढ़ाएगी
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने
कहा,
"जेनरेशन Z आ गई है, और आजकल जेनरेशन Z के बारे में बात करना फैशन बन गया
है, क्योंकि जेनरेशन Z हर जगह फैली हुई
है। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत की जेनरेशन Z की आबादी
दुनिया में सबसे ज़्यादा है, और यहां तक कि भारतीय सेना भी
पीछे छूट गई है। क्योंकि हम दूसरे सबसे बड़े हैं, इसलिए
जेनरेशन Z ही पहले नंबर पर आती है। इसका मतलब है कि यह
जेनरेशन Z डिजिटल रूप से पारंगत है। यानी, वे डिजिटल रूप से सहज हैं। वे तकनीकी रूप से उन्नत और सामाजिक रूप से
जागरूक हैं। सामाजिक रूप से जागरूक, डिजिटल रूप से पारंगत,
और सबसे महत्वपूर्ण बात, वे पूरी दुनिया की
नवीनतम गतिविधियों से वैश्विक रूप से जुड़े हुए हैं। अगर आपके पास इतनी शक्ति है,
बस अनुशासन और मार्गदर्शन मिल जाए, तो कौन
जाने भारत एक पल में कितनी पीढ़ियों, कितने युगों को आगे
बढ़ा देगा। भविष्य में, जेनरेशन Z ही
भारत को आगे बढ़ाएगी और उसे आगे ले जाएगी। इसलिए, मेरा यहां
होना बेहद जरूरी था।" (इनपुट- एएनआई)