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मुस्लिम लीग ने सरदार पटेल पर कराया था दो बार जानलेवा हमला

-    भाजपा ने ट्वीट के माध्यम से कांग्रेस पर मामले को दबाने का लगाया आरोप

-         - भाजपा ने इतिहासकार रिजवान कादरी का ट्वीट भी किया शेयर जिसमें उन्होंने दोनों हमलों का सच किया उजागर

सरदार वल्लभभाई पटेल पर वर्ष 1939 में मुस्लिम लीग ने दो बार घातक हमले कराये थे और कांग्रेस पार्टी इस मामले में 86 साल तक चुप्पी साधे रही। ये दावा किया है भारतीय जनता पार्टी ने, सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर भाजपा ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। इस विषय में भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ समाचार पत्रों की कटिंग और दस्तावेज साझा किये हैं।

इस ट्वीट में इतिहासकार रिजवान कादरी की एक पोस्ट की कटिंग भी है जिसमें उन्होंने वडोदरा और भावनगर में हुए इन हमलों का सच उजागर किया है। सरदार पटेल प्रजामंडल आंदोलन के माध्यम से भारत की सभी रियासतों को एकजुटे करने में लगे हुए थे इसी दौरान मुस्लिम लीग ने अपनी नफरती मानसिकता और तुष्टिकरण की राजनीति के लिए हिंसा भड़काई।

जानकारी के अनुसार सरदार पटेल पर हमले की पहली घटना 20 जनवरी, 1939 को वडोदरा में हुई जब मुस्लिम लीग समर्थित गुंडों ने पटेल के जुलूस पर पथराव किया और प्रजामंडल के कार्यालय में आग लगा दी। दूसरी घटना भावनगर में 14 मई, 1939 को हुई जब सरदार पटेल पाँचवीं प्रजा परिषद का नेतृत्व करने पहुँचे थे, तो एक पूर्व-नियोजित षड्यंत्र के तहत उन पर हमला हुआ।

भाजपा ने दावा किया कि इस हमले में बच्चू वीरजी और जाधवजी मोदी नामक दो लोग ने पटेल की रक्षा करते हुए खुद का जीवन बलिदान कर दिया। इन घटनाओं में दर्जनों लोग घायल हुए। पार्टी ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद कॉन्ग्रेसी इतिहासकारों ने इस पूरे मामले को पाठ्यपुस्तकों और अभिलेखागार से मिटा दिया। भाजपा ने कहा कि पटेल पर हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि भारत की एकता पर हमला था, जिसे कॉन्ग्रेस ने छुपाया।

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