बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के तख्तापलट होने के बाद से
वहां रहने वाले हिन्दुओं का नरसंहार शुरु हो गया है, जो अभी भी थमने का नाम नहीं
ले रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो हिन्दुओं पर आत्याचार के मामलों में और जबरदस्त
बढ़ोतरी हुई है। वहां, मौजूद अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में मोहम्मद यूनुस
के नेतृत्व में अंतरिम सरकार असमर्थ दिखायी रही है।
बांग्लादेश के खुलना में एक
हिंदू युवक पर ईशनिंदा का आरोप लगाकर भीड़ ने उसपर जानलेवा हमला किया, जिससे उसकी
मौत हो गयी है। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, युवक की मौत
की जानकारी मस्जिद के लाउडस्पीकर से दे दी गई। हालांकि, बाद
में पुलिस ने कहा कि वह जिंदा है, उसका इलाज चल रहा है। युवक
का नाम उत्सब मंडल है। वो खुलना के ही एक कॉलेज का छात्र है। भीड़ ने उस पर पैगंबर
मुहम्मद के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है।
बाग्लादेश में हो रहे हिन्दुओं पर अत्याचार के मामले में पुलिस पर भरोसा करना मुश्किल है, क्योंकि कई ऐसे वीडियों और मीडिया रिपोर्ट सामने आयी है जिससे पुलिस की गतिविधि और विश्वसनीयता संदेहास्पद है। उत्सव मंडल के मामले में ढाका ट्रिब्यून का कहना है कि युवक की मौत हो गयी है जिसकी घोषणा मस्जिद के लाउडस्पीकर से की गयी थी, लेकिन पुलिस का कहना है कि वह जिन्दा है उसे किसी गुप्त स्थान पर भेज दिया गया है।
https://x.com/HinduVoice_in/status/1831673899014074656
बाग्लादेश में अब सत्ता जिहादी संगठन के समर्थन से चल रही है यहीं कारण है कि वहां पर हिन्दुओं पर अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। जिस हिन्दु युवक उत्सब पर मुसलमानों ने हमला किया उनका आऱोप है कि उसने पैगंबर के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसके बाद रात करीब 8 बजे कई छात्रों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के पास ले गए। जब पुलिस स्टेशन में भीड़ बेकाबू होने लगी तो वहां सेना भी पहुंची। भीड़ ने पुलिस की मौजूदगी में उत्सब पर हमला किया। पुलिस ने जानकारी दी है कि उत्सब को किसी गुप्त स्थान पर रखा गया है।
बता दें कि बांग्लादेश में
अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं पर हो रहे हमले को लेकर भारत चिंतित है। लेकिन दुनिया
खामोशी इख्तियार किये हुए है। पिछले दिनों पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो
बाइडन से भी इस मुद्दे पर बात की थी। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से बाग्लादेश
के हिन्दुओं को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गयी थी। बाग्लादेश में हिंदुओं के
घरों के साथ-साथ मंदिरों को भी निशाना बनाया जा रहा है। पड़ोसी मुल्क में अब
अंतरिम सरकार तो बन गई है, लेकिन वो भी मूक दर्शक बनी बैठी है।