- कश्मीर
के कुपवाड़ा जिले में टीटवाल स्थित शारदा मंदिर का मामला, आदि शंकराचार्य ने इस
मंदिर को किया था स्थापित
XposeTimesNewsDesk
हिन्दू घृणा की नापाक नीति से उपजा पाकिस्तान और उसकी फौज अपनी इस बदनीयत
से बाज नहीं आ सकते हैं। हाल ही में एक मामला प्रकाश में आया है कश्मीर के
कुपवाड़ा जिले के टीटवाल में स्थित शारदा मंदिर का, यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं
को पाकिस्तानी फौज धमकी देती है कि मंदिर के निकट स्थित किशनगंगा नदी में नहाया तो
गोली मार देंगे।
कश्मीर में 75 वर्षों के संघर्ष के बाद
चालू किए गए मंदिर में हिन्दू पूजा के दौरान किशनगंगा नदी में स्नान करने के बाद
दर्शन करते हैं, और पाक फौज ऐसा करने पर गोली मारने की धमकी देती है। यह मंदिर
लाइन ऑफ़ कंट्रोल पर स्थित है। यहाँ पूजा से पहले किशनगंगा (नीलम) नदी में नहाने
वाले श्रद्धालुओं को पाकिस्तान के फौजी गोली मारने की धमकी दे रहे हैं।
यह शारदा मंदिर किशनगंगा नदी के तट पर है और नदी के दूसरी तरफ
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर है। यहाँ पाक फौज के रेंजर्स तैनात हैं। यह लगातार
लाउडस्पीकर से श्रद्धालुओं को धमका रहे हैं। उन्हें नहाने से रोक रहे हैं। उनको
गोली मारने की धमकी देकर नदी में ना उतरने की चेतावनी दे रहे हैं।
ऑप इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार इस मंदिर के निर्माण एवं देखरेख के लिए जिम्मेदार सेव शारदा कमेटी के मुखिया रवींदर पंडिता का कहना है कि “यह मंदिर 5 जून, 2023 को खोला गया था। 1947 से पहले यहाँ शारदा पीठ जाने के लिए बेसकैम्प बना हुआ था। हिन्दुओं और सिखों के लिए यहाँ धर्मशाला थी। यहीं से अब POK में स्थित शारदा पीठ के लिए यात्री जाते थे। 1947 के बाद जब मंदिर जाना बंद हो गया तो यहाँ भी स्थित सभी ढाँचे जीर्ण शीर्ण हालत में आ गए।”
उन्होंने बताया, “हमने इस मंदिर का निर्माण 2021 में चालू करने का निर्णय लिया ताकि शारदा पीठ के लिए हमारा संघर्ष बरकरार
रहे। हमने यहाँ मंदिर बनवाया है। इसे जून, 2023 में
श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था। तब से यहाँ लगातार हिन्दू श्रद्धालु आ रहे हैं।
यहाँ श्रद्धालु मंदिर जाने से पहले किशनगंगा नदी में नहाते हैं, उसके उस पर पाकिस्तानी फौज तैनात है। वह इन श्रद्धालुओं को गोली मारने की
धमकी लाउडस्पीकर से देते हैं। हमने यह मामला सेना और प्रशासन को बताया है।”
उन्होंने बताया है कि पाकिस्तानी रेंजर्स की धमकी से वह डरने वाले नहीं हैं और
अपने आराध्य की पूजा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अभी यहाँ फायरिंग नहीं हुई है
लेकिन धमकी लगातार मिल रही है, जिसके बाद से सेना ने इम मामले को अब अपने हाथों
में ले लिया है।
गौरतलब है कि पाक अधिकृत कश्मीर में स्थित शारदा पीठ, आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार पीठों में से एक
है। भारत के विभाजन के बाद से काफी बुरी हालत है। इसको लेकर लगातार माँग हो रही
है। टीटवाल में स्थित मंदिर जम्मू कश्मीर की हिन्दू संस्कृति को बचाने का एक
प्रयास है।