वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में
केंद्रीय बजट 2024
प्रस्तुत किया है। सीतारमण का दावा है कि इस बजट को गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों को ध्यान में रखकर
निर्मित किया गया है। वित्त मंत्री ने खर्च बढ़ाने, रोजगार
सृजन और मध्यम वर्ग को राहत देने की योजनाओं की घोषणा की। इस दौरान, सीतारमण ने टैक्स के मोर्चे पर कुछ बड़े बदलावों की घोषणा की। सरकार ने
एसटीटी में बढ़ोतरी की घोषणा की, लेकिन शॉर्ट-टर्म कैपिटल
गेन्स और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स कर को कम कर दिया। वहीं पर्सनल इनकम टैक्स के
मोर्चे पर, वित्त मंत्री ने नई टैक्स रिजीम में कुछ टैक्स
स्लैब में बदलाव की घोषणा की है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के मेजर
हाइलाइट्स यहां पढ़ें:
बजट 2024 के टैक्स अनाउंसमेंट्स:
वित्त
मंत्री निर्मला सीतारमण ने मध्यम वर्ग की मदद के लिए आयकर अधिनियम 1961 की
व्यापक समीक्षा की घोषणा की।
नए
टैक्स रिजीम के तहत नए टैक्स स्लैब की घोषणा की गई।
·
3 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं.
·
3-7
लाख रुपये तक 5 प्रतिशत टैक्स.
·
7-10
लाख रुपये तक 10 प्रतिशत टैक्स.
·
10-12
लाख रुपये तक 15 प्रतिशत टैक्स.
·
15 लाख रुपये तक 30 प्रतिशत टैक्स.
नई
टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन को 30,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000
रुपये किया गया है. इस डिक्शन की वजह से 17,500 रुपये की बचत होगी. वहीं, पेंशनभोगियों के लिए
फैमिली पेंशन पर डिडक्शन 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000
रुपये की गई.
STT,
शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स और LTCG के लिए
अनाउंसमेंट्स:
·
कैपिटल गेन्स टैक्सेशन को सिंपल बनाया जाएगा:
कुछ एसेट्स के लिए शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स को घटाकर 20% और LTCG
को घटाकर 12.5 प्रतिशत किया जाएगा. अनलिस्टेड
बॉन्ड और डिबेंचर पर कैपिटल गेन्स पर टैक्स लगेगा.
·
ऑप्शन की बिक्री पर एसटीटी (सिक्योरिटी
ट्रांजेक्शन टैक्स) को 0.0625
परसेंट से बढ़ाकर 0.1 फीसदी कर दिया गया है.
वहीं, फ्यूचर की बिक्री पर एसटीटी को 0.01 फीसदी से बढ़ाकर 0.02 फीसदी कर दिया गया है. एसटीटी
उस वैल्यू पर लगता है जिस कीमत पर उस एसेट (फ्यूचर या ऑप्शन) की सेल हुई है.
·
ई-कॉमर्स पर TDS को कट कर 1 प्रतिशत से 0.1 प्रतिशत तक कर दिया गया है.
·
सभी इन्वेस्टर क्लास के लिए एंगल टैक्स को खत्म
कर दिया जाएगा.
कस्टम ड्यूटी में किए गए बदलाव:
·
सोने और चांदी पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को घटाकर 6 प्रतिशत तथा
प्लैटिनम पर 6.4 प्रतिशत कर दिया गया.
·
फेरोनिकेल, ब्लिस्टर कॉपर पर बेसिक कस्टम
ड्यूटी को घटाया गया. स्पेसिफिक टेलीकॉम इक्विपमेंट पर ड्यूटी को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया गया.
·
कुछ ब्रूडस्टॉक, श्रिम्स और मछली आहार पर सीमा
शुल्क घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया.
·
अमोनियम नाइट्रेट पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ाकर 10 प्रतिशत और
नॉन-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक पर 25 प्रतिशत कर दिया गया.
·
मोबाइल फोन, मोबाइल PCBAऔर चार्जर पर कस्टम ड्यूटी को घटाकर 15% किया.
·
25 महत्वपूर्ण खनिजों पर कस्टम ड्यूटी से पूरी छूट दी गई.
·
प्लास्टिक उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ाया
गया.
·
नियोक्ता एनपीएस कटौती बढ़ाकर 14 प्रतिशत की
गई.
·
विदेशी कंपनियों पर कॉर्पोरेट कर की दर 40% से घटाकर 35%
की गई.
·
कैपेक्स पर जितना खर्च फरवरी में बताया गया था
उतना ही रखा गया.
·
इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कैपेक्स को 11.1 लाख
करोड़ रुपये के अंतरिम बजट टारगेट पर बरकरार रखा गया.
राजकोषीय घाटा:
चालू
वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.9% रहने का
अनुमान, अगले वर्ष के अंत तक 4.5% तक
पहुंचने का लक्ष्य.
MSMEs
के लिए घोषणाएं:
·
तरुण कैटेगरी के अंतर्गत लोने लेने और
सफलतापूर्वक चुकाने वालों के लिए मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख रुपये
से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की जाएगी.
·
एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम शुरू की
जाएगी. ज्यादा लोन अमाउंट के लिए 100 करोड़ रुपये का गारंटी कवर
दिया जाएगा.
आंध्रप्रदेश के लिए घोषणाएं:
·
तीन पिछड़े जिलों के लिए विशेष अनुदान.
·
वाइजाग-चेन्नई औद्योगिक गलियारे के लिए पैकेज.
·
अमरावती के विकास के लिए 15,000 करोड़
रुपये, भविष्य में अतिरिक्त निधि के साथ.
·
पोलावरम सिंचाई परियोजना को जल्द पूरा करने की
प्रतिबद्धता.
·
आधारभूत अवसंरचना (पानी, बिजली,
रेलवे, सड़क) के लिए फंड और आंध्र प्रदेश
पुनर्गठन अधिनियम के
·
अनुसार रायलसीमा, प्रकाशम और उत्तरी तटीय आंध्र
प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों के लिए ग्रांट्स.
बिहार के लिए घोषणाएं:
·
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, बक्सर-भागलपुर
एक्सप्रेसवे, तथा बोधगया, राजगीर,
वैशाली और दरभंगा में स्पर सहित व्यापक सड़क और एक्सप्रेसवे
परियोजनाएं, जिनकी कुल लागत 26,000 करोड़
रुपये है.
·
अमृतसर कोलकाता औद्योगिक गलियारे पर गया में एक
इंडस्ट्रियल नोड का विकास.
·
बक्सर में गंगा पर एक अतिरिक्त 2-लेन पुल का
निर्माण.
·
बिहार और ओडिशा में मंदिरों के विकास के लिए
धन.
·
पीरपैंती में 21,400 करोड़ रुपये के निवेश से 2400
मेगावाट की बिजली परियोजना.
·
नए हवाई अड्डे, मेडिकल कॉलेज और खेल इंफ्रा
स्ट्रक्चर.
·
मल्टीलेटरल डेवलपमेंट बैंकों से बाहरी मजदद के
जरिए पूंजी निवेश के लिए अतिरिक्त सहायता.
एंप्लॉयमेंट और स्किलिंग के लिए घोषणाएं:
·
रोजगार सृजन और कौशल: ईपीएफओ के जरिए रोजगार से
जुड़ी तीन योजनाएं शुरू की जाएंगी, जिसमें पांच सालों में रोजगार
सृजन के लिए 2 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे. नई कौशल
योजना का लक्ष्य पांच सालों में 20 लाख युवाओं को कौशल
प्रदान करना है.
·
वेतन सहायता: सभी नए कर्मचारियों को तीन
किस्तों में एक महीने का वेतन (15,000 रुपये तक) प्रदान किया जाएग. इस योजना
से प्रति माह 1 लाख रुपये तक कमाने वाले युवाओं को लाभ
मिलेगा और इससे 2.1 लाख युवाओं को सहायता मिलने की उम्मीद
है.
·
एंप्लॉयर रीइंबर्समेंट: नियोक्ताओं को प्रत्येक
अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो वर्षों तक 3,000 रुपये प्रति माह तक की
रीइंबर्समेंट की जाएगी, जिससे 50 लाख
लोगों को रोजगार मिलेगा.
·
कार्यबल में महिलाएं: महिलाओं की कार्यबल
भागीदारी बढ़ाने के लिए कामकाजी महिलाओं के छात्रावास और क्रेच स्थापित किए
जाएंगे.
·
इंटर्नशिप योजना: 500 शीर्ष
कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं के लिए इंटर्नशिप योजना के तहत
भत्ते के तौर में हर महीने 5,000 रुपये और 6,000 रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाएगी.
·
छात्रों के लिए सहायता: घरेलू संस्थानों में
उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए वित्तीय सहायता, हर साल 1
लाख छात्रों को सीधे 3% की वार्षिक ब्याज छूट
के लिए ई-वाउचर दिए जाएंगे.
एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए घोषणाएं:
·
एग्रीकल्चरल रिसर्च: उत्पादकता बढ़ाने और
जलवायु-अनुकूल किस्मों को विकसित करने के लिए एक व्यापक समीक्षा, जिसमें
प्राइवेट सेक्टर के लिए फंड रखा गया है.
·
एलोकेशन: कृषि और संबंधित सेक्टर के लिए 1.52 लाख
करोड़ रुपये आवंटित किए गए.
·
श्रिम्प्स प्रोडक्शन: प्रजनन केंद्रों, खेती,
प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट के लिए नाबार्ड के जरिए वित्तीय सहायता के
साथ श्रिम्प प्रोडक्शन को बढ़ावा देना.
·
उच्च उपज वाली फसलें: 109 नई उच्च
उपज वाली, जलवायु-अनुकूल फसल किस्मों को जारी करना. दो
वर्षों में 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती से परिचित कराना
और 10,000 बायो-इनपुट संसाधन केंद्रों की स्थापना करना.
·
दलहन और तिलहन: सरसों, मूंगफली,
तिल, सोयाबीन और सूरजमुखी सहित दलहन और तिलहन
के लिए आत्मनिर्भरता मिशन.
·
सब्जी उत्पादन: मेजर कंजप्शन सेंटर्स के पास
बड़े पैमाने पर सब्जी प्रोडक्शन क्लस्टर का विकास. वेजिटेबल सप्लाई चेन के लिए
किसान-प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन्स, कोऑपरेटिव्स और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देना.
अन्य घोषणाएं:
·
नियोक्ता एनपीएस कटौती बढ़ाकर 14 प्रतिशत की
गई.
·
प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान की
घोषणा 63,000
आदिवासी गांवों के लिए की गई है, जिससे 5
करोड़ आदिवासी लाभान्वित होंगे. इस कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी
बहुल गांवों और आकांक्षी जिलों में आदिवासी परिवारों के लिए सैचुरेशन कवरेज
प्राप्त करना है.
·
केंद्र सरकार राज्यों से स्टाम्प ड्यूटी कम
करने को कहेगी. सरकार महिलाओं द्वारा खरीदी गई संपत्तियों पर भी शुल्क कम करने पर
विचार करेगी.
·
केंद्र पूर्वोत्तर में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स
बैंक की 100
शाखाएं स्थापित करेगा.
·
बारह औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे.
·
शहरी गरीबों और मध्यम वर्ग को 1 करोड़ घर
उपलब्ध कराने के लिए 10 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए.
·
वित्त मंत्री सीतारमण ने महत्वपूर्ण खनिज मिशन
की घोषणा की. सरकार पहले ऑफशोर खनन ब्लॉकों की नीलामी शुरू करेगी.
·
कामकाजी वर्ग के लिए रेंटल हाउसिंग योजना की
घोषणा की गई. सरकार पीपीपी मोड में इंडस्ट्रियल वर्कर्स के लिए छात्रावास तरह के
किराए के आवास की सुविधा प्रदान करेगी.
· IBC में उचित बदलाव किए जाएंगे और ट्रिब्यूनल्स को मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएंगे.(समाचार सौजन्य न्यूज 18 इंडिया)
#Unionbudget2024 #budget2024 #budgetupdate #latestbudgetnews #latestnews #newsupdate