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राष्ट्रवादी यूट्यूबर व पत्रकार इंडी गठबंधन के आख की किरकिरी


राष्ट्रवादी पत्रकारों से कांग्रेस पार्टी इतना भयाक्रांत हो चुकी है कि उनके खिलाफ लगातार एफआईआऱ-एफआईआर का खेल खेल रही है। पहले कर्नाटक में फिर तमिलनाडु में यूट्यूबर, पत्रकार एवं लेखक अजीत भारती के खिलाफ कांग्रेस पार्टी द्वारा FIR दर्ज करायी गयी है। अजीत पर आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (X) पर उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ गलत बयानबाजी की थी। कांग्रेस पार्टी के चेन्नई ईस्ट के क्षत्रीय अध्यक्ष एम सैमुअल द्रवियन एससी ने ये केस दर्ज कराया है। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि अजीत भारती ने दावा किया था कि राहुल गाँधी अयोध्या के राम मंदिर को ध्वस्त कर उसकी जगह फिर से बाबरी मस्जिद को खड़ी कर देंगे।

ऑप इंडिया में प्रकाशित खबरे के अनुसार FIR में यूट्यूबर व पत्रकार पर धार्मिक भावनाएँ भड़काने और जनता के बीच घृणा फैलाने के लिए द्वेषपूर्ण भावना के साथ भ्रामक सूचना फैलाने का आरोप मढ़ा गया है। इसके लिए ‘X’ को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ (BNSS) के तहत नोटिस भी जारी किया गया है। सोमवार (15 जुलाई, 2024) को चेन्नई के वेपेरी स्थित सेन्ट्रल क्राइम ब्रांच के साइबर क्राइम पुलिस थाने के इंस्पेक्टर ने इस पर हस्ताक्षर किया। जिस पोस्ट को लेकर ये मामला दर्ज किया गया है, वो 13 जून, 2024 का है।


अजीत भारती के खिलाफ पूर्ववर्ती IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा-153A (मजहब-भाषा इत्यादि के आधार पर विभिन्न समूहों को लड़ाने के उद्देश्य से काम करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही उनके खिलाफ IPC की धारा-505(1)(b) भी लगाई गई है, जो जनता के बीच डर बनाने के उद्देश्य से कोई बयान जारी करने पर दर्ज की जाती है। ‘X’ से अजीत भारती के हैंडल के संबंध में कई जानकारियाँ माँगी गई हैं, जैसे उनके डिवाइस, लॉगिन-लॉआउट का समय और ईमेल-फोन नंबर।


अजीत भारती ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि जिस केस में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने स्थगन का आदेश दे रखा है
, उस पर कथित घटना और केस पर स्टे के बाद, वापस दूसरे राज्य में केस करना क्या बताता है? बता दें कि कर्नाटक सरकार ने उनके NCR स्थित फ़्लैट के पास अपने कुछ पुलिसकर्मी भेजे थे। बाद में यूपी पुलिस इन पुलिसकर्मियों को ले गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने अजीत भारती को राहत दी थी। अब तमिलनाडु में केस हुआ है, जहाँ DMK अध्यक्ष MK स्टालिन मुख्यमंत्री हैं और कॉन्ग्रेस सत्ता में साझीदार है।

 

और भी पत्रकारों पर चला है गैर भाजपा साशित राज्य में एफआईआर

अजीत भारती पर हुआ ये केस कोई नया नहीं है इससे पहले भी कई डीजिटल मीडिया के पत्रकारों पर गैर भाजपा साशित राज्यों में इस तरह की घटनाएं सामने आयी है। उदाहरण बिहार के ले लीजिए जहां यूट्यूबर मनीष कश्यप (अब भाजपा में) पर आंद्र प्रदेश में एफआईआर दर्ज की गयी थी और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था और काफी लंब समय तक जेल में रहने के बाद उन्हें कोर्ट से राहत मिली।


दूसरे एक मामले में यूट्यूबर रचित कौशिक पर पंजाब में आम आदमी पार्टी द्वारा एफआईआर दर्ज की गयी और बिना पूर्व सूचना के पुलिस द्वारा अपहरणकर्ताओं की तरह उन्हें गिरफ्तार कर ले गयी थी। रचित कौशिक ने भ्रष्टाचार के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के शीश महल कांडे के मामने एक खुलासा कर दिया था जिससे नाराज होकर कौशिक के साथ ऐसा किया गया।

गैर भाजपा साशित राज्यों में चाहे कांग्रेस की सरकार हो या आम आदमी पार्टी की तानाशाही पत्रकारों पर चलती रहती है। इससे ये साप जाहिर होता है कि कांग्रेसी गठबंधन अपने खिलाफ भ्रष्टाचार औऱ झूठ को उजागर करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर तक जा सकती है। यदि आप राष्ट्रवादी पत्रकार, यूट्यूबर है तो आप इंडी गठबंधन के आंखों की किरकिरी बने रहेंगे।

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