NEET-UG पेपर
लीक मामले में सीबीआई ने मंगलवार को एक सिविल इंजीनियर समेत दो और आरोपियों को
गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम पंकज कुमार सिंह उर्फ आदित्य और राजू सिंह बताया जा रहा है। सीबीआई के मुताबिक इस मामले में पटना के पास से 11 जुलाई को पकड़े गए आरोपी राकेश
रंजन उर्फ रॉकी की तरह ही पंकज
सिंह भी किंगपिन है। मामले में अभी सीबीआई की तरफ से यह साफ नहीं किया जा रहा है
कि आखिर पेपर लीक करने का असल मास्टरमाइंड कौन है? सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों
में बोकारो के रहने वाले
पंकज कुमार सिंह ने 2017 में एनआईटी जमशेदपुर से सिविल इंजीनियरिंग की है।
सीबीआई का कहना है कि
पंकज ने हजारीबाग से अपने साथी राजू सिंह के साथ एनटीए
के पेपर लाने वाले ट्रंक से पेपर चुराए
थे, जिसके
बाद पेपर लीक कराया गया। राजू
झारखंड के हजारीबाग का रहने वाला है। सीबीआई के सूत्रों ने सबसे पहले नीट-यूजी
पेपर लीक के मास्टरमाइंड के तौर पर हजारीबाग में ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल
एहसान-उल-हक और वाइस प्रिंसिपल इम्तियाज आलम की तरफ इशारा किया था। इनमें से
प्रिंसिपल के उपर ही बैंक से नीट पेपरों को सेंटर तक लाने की जिम्मेदारी थी। आरोप
है कि इन्हीं ने बीच रास्ते में पेपर लीक किए। इनके बाद 11 जुलाई को सीबीआई ने पटना के
पास से राकेश रंजन उर्फ रॉकी नाम के एक और शख्स को पकड़ा था।
सीबीआई ने रॉकी को भी पेपर लीक मामले का किंगपिन
बताया था। अब 16 जुलाई को पटना और हजारीबाग से पकड़े गए इन
दोनों आरोपियों में से सीबीआई ने पंकज सिंह को भी किंगपिन बताया है। जबकि अभी तक
इस मामले में फरार संजीव मुखिया नाम के एक और आरोपी को भी पेपर लीक का मास्टरमाइंड
माना जा रहा है। इन दो गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में सीबीआई ने 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई का कहना है कि कई कड़ी मिल रही हैं।
अहम सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। इस मामले में तमाम संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी
कर वह जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करेगी। तमाम आरोपियों के आपस में एक-दूसरे के
साथ कनेक्शन भी देखे जा रहे हैं।