भारत का लोहा विश्व मानता है इसका एक जीता जागता उदाहरण सामने
आया है, अमेरिका के व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में ये कहा गया है कि भारत रूस
से अपनी पुरानी मित्रता के दम पर यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त
करवा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूस के दौरे पर जहां एक ओर पूरे विश्व
की निगाहे टिकी रही वहीं इसपर अमेरिका भी नजरे बनाये रखा है। वहीं राष्ट्रपति पुतिन
ने भी इस दौरान पीएम मोदी के शांति प्रयासों की सराहना की, उन्होंने इस दौरान भारत
और रूस के मजबूत रिश्तों पर भी बात की थी। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम
मोदी को रूस का सर्वोच्च सम्मान दिया था।
अमेरिकी
राष्ट्रपति के प्रेस सचिव जीन पियरे ने मंगलवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा
कि भारत हमारा रणनीतिक साझेदार है और हम उसके साथ सभी मुद्दों पर एकदम खुलेपन से
बात करते हैं, इन मुद्दों में उसके रूस के साथ रिश्ते भी शामिल हैं। हमने इस मामले
में पहले भी बातचीत की है। हमें लगता है कि यह जरूरी है कि भारत समेत सभी देश
यूक्रेन के मामले में स्थायी शांति हासिल करने के प्रयासों का समर्थन करें।
पियरे
ने आगे भारत के इस मामले में सहयोग करने को लेकर कहा, “भारत के
रूस के साथ पुराने रिश्ते उसे यह क्षमता देते हैं कि वह रूसी राष्ट्रपति पुतिन से
युद्ध हो खत्म करने की बात कह सके।” अमेरिका ने कहा कि युद्ध
रूस द्वारा चालू किया गया था और इसे उसके द्वारा ही खत्म किया जाएगा।
अमेरिका
की यह टिप्पणी पीएम मोदी के रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत में
यूक्रेन-रूस संघर्ष को उठाने के बाद आई है। पीएम मोदी ने मंगलवार (9 जुलाई,
2024) को राष्ट्रपति पुतिन के साथ आधिकारिक बातचीत में कहा था कि बम,
बंदूकों और गोलीबारी के बीच बातचीत नहीं हो सकती है।दोनों देशों के
विवाद का समाधान युद्धभूमि पर
नहीं निकलने वाला है। पीएम मोदी ने इस बातचीत के दौरान कहा था कि भारत शांति बहाली
के लिए हर सहयोग के लिए तैयार है। उन्होंने कहा था भारत स्वयं भी शांति के पक्ष
में है और विश्व समुदाय को यह बात जाननी चाहिए। पीएम मोदी ने इस दौरान यह भी कहा
था कि राष्ट्रपति पुतिन का शांति के विषय में बात करना उन्हें आशान्वित कर रहा है।
गौरतलब
है कि पीएम मोदी तीन दिवसीय विदेश (8-10 जुलाई) दौरे पर हैं। वह रूस में विदेश यात्रा
पूरी करने के बाद मंगलवार को ऑस्ट्रिया पहुँचे थे। यहाँ ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री
ने उनके एयरपोर्ट पर स्वागत किया था। पीएम मोदी ने ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल
नेहमार से भी मुलाक़ात की है।