ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर (चित्र साभार: SGadiLondon/X)
भारत से बेहतर रिश्तों के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार
भारत को बताया आर्थिक महाशक्ति, कहा भारत के
बिना विश्व अधूरा
कंजर्वेटिव पार्टी के ऋषि सुनक को हराकर 14 साल
बाद लेबर पार्टी ने पायी सत्ता
Xpose Times Desk . ब्रिटेन में 14 साल बाद सत्ता परिवर्तन हुआ है, और लेबर पार्टी के मुखिया किएर
स्टार्मर नये प्रधानमंत्री बन गये हैं। वहीं कंजर्वेटिव पार्टी ने 14 साल तक सत्ता
में रहने के बाद अब विपक्ष का मोर्चा संभाला है। लेबर पार्टी ने पिछली शताब्दी की
सबसे बड़ी जीत हासिल की है। भारतवंशी प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने डाउनिंग स्ट्रीट को अलविदा कह दिया है। विश्व
की छठवी सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था ब्रिटेन में हुए इस राजनीतिक फेरबदल के बीच नई
दिल्ली में बैठे लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है कि ब्रिटेन की नई सरकार का भारत के
प्रति का क्या रुख होने वाला है।
बता दें कि भारतवंशी पारम्परिक रूप से लेबर पार्टी के वोटर माने
जाते रहे हैं। लेकिन 2019 में लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन और
अन्य सांसदों द्वारा कश्मीर को लेकर की गयी बयानबाजी और ब्रिटिश संसद में प्रस्ताव
लाने के बाद भारतवंशी और भारत के राजनयिक समुदाय, दोनों ने ही
उनसे दूरी बना ली थी। हालाँकि, जेरेमी कॉर्बिन और उनके
कश्मीर वाली नीतियाँ अब पुरानी बात हो चुकी हैं। किएर स्टार्मर वाली लेबर पार्टी
भारत को लेकर सहयोग वाला रवैया अपना रही है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर अपने चुनाव अभियान के अंत में लंदन स्थित एक हिन्दू मंदिर गए थे, यहाँ उन्होंने हिन्दू धर्म के सेवा मंत्र की प्रशंसा की और इसे अपनी सरकार का हिस्सा बनाने का वादा भी किया था। स्टार्मर ने ब्रिटेन में रह रहे दस लाख हिन्दू समुदाय को चुनाव अभियान में साधने का प्रयास किया और भारत को लेकर सकारात्मक रवैया अपनाया है। यहाँ उन्होंने हिन्दू वोटरों को लुभाने के लिए जय स्वामीनारायण का उद्घोष भी किया था।
ऑप इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार किएर स्टार्मर ने स्पष्ट किया था
कि ब्रिटेन के भीतर हिन्दूफोबिया की कोई जगह नहीं है। उन्होंने यहाँ यह भी साफ
किया था कि वह भारत के साथ नई रणनीतिक साझेदारी पर काम करेंगे। किएर स्टार्मर से
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नवम्बर, 2023 में मुलाकात की थी। भारत के राजनीतिक
गलियारों को यह अहसास हो गया था कि वर्तमान में सत्तारूढ़ सुनक की सरकार वापस नहीं
आएगी और उसे आगे अपने रिश्तों को चलाने के लिए किएर स्टार्मर से अच्छे रिश्ते
चाहिए होंगे।
भारत विश्व में लोकतंत्र का सबसे बेहतर उदाहरण
किएर स्टार्मर ने जून, 2024 में आयोजित इंडिया ग्लोबल फोरम में भी भारत
से सुदृढ़ रिश्तों की बात दोहराई थी।
उन्होंने कहा था कि यह दोनों देशों के बीच रिश्तों को रिन्यू करने का समय है।
उन्होंने इस दौरान कहा था कि यह बदली हुई लेबर पार्टी है, इसने
सभी मोर्चों पर अपनी सोच में बदलाव किया है। उनका इशारा लेबर पार्टी के भारत के
पहले के रुख की तरफ था। किएर स्टार्मर ने भारत को मजबूत और आधुनिक देश बताया था और
कहा था कि वह विश्व में लोकतंत्र का सबसे अच्छा उदाहरण है।
किएर स्टार्मर ने सरकार बनने के बाद भारत आने की इच्छा भी जताई थी और पीएम मोदी की तारीफ भी की थी। उन्होंने भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर आगे बढ़ने की बात भी की थी। इसको लेकर भारत और ब्रिटेन के बीच लम्बे समय से बातचीत चल रही है। उन्होंने यहाँ भी इशारों में बताया था कि कई मुद्दों पर उनकी पार्टी का रुख बदल चुका है। उनका इशारा कश्मीर की तरफ था। किएर स्टार्मर ने कहा था कि वह भारत के साथ रिश्तों को और आगे ले जाना चाहेंगे।
भारत के बिना विश्व की कल्पना नहीं हो सकती – ब्रिटेन विदेश मंत्री
ब्रिटेन की नई सरकार में डेविड लैमी को विदेश मंत्री बनाया गया है। वह विपक्ष में रहते हुए शैडो फॉरेन मिनिस्टर थे। लैमी की माँ के पूर्वज भारतीय थे और वह कैरिबियन आइलैंड ले जाए गए थे। लैमी ने भी भारत के साथ सकारत्मक रिश्तों की अहमियत को स्वीकारा है। उन्होंने ग्लोबल इंडिया फोरम में भारत को विश्व की महाशक्ति करार दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत के बिना विश्व की कल्पना नहीं हो सकती। उन्होंने भारत के साथ रिश्तों को नए सिरे से चालू करने की वकालत की थी।
डेविड लैमी ने फरवरी माह में भारत का दौरा भी किया था। वह इस दौरान कई लोगों से मिले थे और अपनी पार्टी के लिए समर्थन भी जुटाया था। डेविड लैमी से विदेश मंत्री जयशंकर भी नवम्बर, 2023 में मिले थे। डेविड लैमी का भारत को लेकर नजरिया काफी सहयोगपूर्ण रहा है। ऐसे में उनके मंत्री बनने पर भारत के साथ रिश्ते और भी आगे बढ़ने की उम्मीद है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री
को जीत की शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “यू.के.
के आम चुनावों में जीत पर किएर स्टार्मर को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ। मैं सभी
क्षेत्रों में भारत-यू.के. व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने, आपसी विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए हमारे बीच सकारात्मक और
रचनात्मक सहयोग की आशा करता हूँ।”
भारत और ब्रिटेन के बीच सहयोग का सबसे बड़ा मुद्दा वर्तमान में फ्री
ट्रेड एग्रीमेंट है। इसको लेकर कई चरणों में बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई समझौता
नहीं हो सका है। भारत की ब्रिटेन की नई सरकार के साथ पहली प्राथमिकता यह समझौता
पूरा करने की होगी। इसके अलावा भारत नई सरकार से खालिस्तान और भारत विरोधी तत्वों
को ब्रिटेन में प्रश्रय ना देने और उन्हने हतोत्साहित करने को लेकर भी कह सकता है।