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मुस्लिम गौ मूत्र से स्नान कर मंदिर पहुँचे, हवन
कर बन गए हिंदू:
इंदौर के खजराना मंदिर में घर वापसी
सनातन हिन्दू धर्म में घर वासपी करने का मामला सामने आया है मध्य
प्रदेश के इंदौर में जहां पर तीस से ज्यादा मुस्लिम लोगों ने हिन्दू धर्म अपना
लिया, इसके साथ ही इन लोगों ने अपना इस्लामिक नाम त्याग कर हिन्दू नाम रखा। इनकी लोगों
के हिन्दू धर्म में घर वापसी के लिए विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इन सभी ने
कानूनी रूप से भी धर्म छोड़ने का आवेदन दे दिया है।
घर वापसी के अनुष्ठान का यह आयोजन इंदौर के खजराना मंदिर में किया गया। यहाँ यज्ञ भी किया गया। इसमें हिन्दू धर्म में प्रवेश
करने वाले सभी लोग शामिल हुए। इससे पहले इन्हें गंगाजल-गोमूत्र समेत देश की 10
विभिन्न नदियों से जल से स्नान भी करवाया गया।
हिन्दू धर्म में घर वापसी करने वालों में कई महिलाएँ भी शामिल हैं।
इन लोगों ने अपने धर्म परिवर्तन को कानूनी रूप देने के लिए भी इंदौर के कलेक्टर को
आवेदन दिया है। जिसके जरिए पहचान पत्रों में भी इनकी पहचान बदली जा सकेगी। हिन्दू
धर्म में घर वापसी करने वालों ने नाम भी बदले हैं।
घर वापसी करने वालों में निलोफर शेख से निकिता, अख्शा शेख से आकांक्षा, रज्जाक से रोहित, अबरार से अभिषेक, मुबारिक से मनीष और रुकैय्या से
रुकमनी समेत सभी लोगों ने अपने नाम बदले हैं। इनकी घर वापसी विश्व हिन्दू परिषद के
नेताओं की संरक्षण में हुई है। इन्होंने कहा है कि सनातन से श्रेष्ठ कुछ नहीं है।
ऑप इंडिया की रिपोर्ट
के मुताबिक विश्व हिन्दू परिषद के मालवा प्रांत प्रमुख संतोष शर्मा ने बताया कि “यह सभी लोग स्वेच्छा से हिन्दू धर्म में घर वापसी कर रहे हैं। इन लोगों ने
हमसे कुछ समय पहले हिन्दू धर्म में शामिल होने के लिए सम्पर्क किया था। इसके बाद
इनके लिए इंतजाम करवाए गए। यह सभी जन्म से ही मुस्लिम थे और अब हिन्दू बन रहे हैं।”
संतोष शर्मा ने बताया कि वह पहले भी हिन्दू धर्म में प्रवेश लेने
वालों की सहायता करते आए हैं। उन्होंने कहा कि अभी भी उनके सम्पर्क में काफी ऐसे
लोग हैं जो हिन्दू धर्म में शामिल होना चाहते हैं, उनकी भी
घर वापसी जल्द ही करवाई जाएगी।
संतोष शर्मा ने बताया कि इससे पहले अप्रैल में उन्होंने कुछ लोगों
की घर वापसी में सहायता की थी। इसके बाद उन्हें प्रतिबंधित संगठन PFI से ‘सर तन से जुदा’ की धमकियाँ
भी मिली थी और उनके खिलाफ फतवा भी जारी किया गया था। गौरतलब है कि अप्रैल माह में
मध्य प्रदेश के शाजापुर में हैदर से हरि बन गए थे, इसके बाद
उनके घर पर पथराव हुआ था।