वाराणसी । एक साधारण युवा को पहले कैडेट और उसे एक सोल्जर बनने के
सफर से अवगत कराता है NCC, वाराणसी में चल रहे एनसीसी कैंप में बुधवार को
कैडेट्स को बताया गया कि "एक सेक्शन का संगठन और उसकी चाल किस तरीके से होनी
चाहिए कि यदि वह दुश्मन की कारगर रेंज में भी आ जाए तो जान माल का कम से कम नुकसान
हो। इस तरह से एक संगठन को अलग-अलग जमीन पर अलग-अलग तरह की फॉर्मेशन बनानी पड़ती
है।
एक सेक्शन में 10 जवान होते हैं, और जो
फॉर्मेशन बनती है उसे सिंगल फॉर्मेशन, डायमंड, ऐरो हेड ,एक्सटेंडेड ,फाइल और
स्पेयरहेड फॉर्मेशन के नाम से जाना जाता है।" सूबेदार पंचम सिंह की इस
जानकारी के बाद जब कैडेटों को इसे जमीन पर दिखाया गया तो वह दृश्य उन्हें युद्ध
भूमि की याद दिला गया। एनसीसी प्रशिक्षण शिविर में जब धुए की आड़ लेकर दुश्मन की
नजरों को धोखा देते हुए अपने आप को बचाने का दृश्य दिखाया गया तो कैडेटों के समक्ष
युद्ध भूमि का दृश्य खिंच गया। एक अन्य कक्षा के अंतर्गत कैडेटों को युद्ध के
दौरान प्राकृतिक वातावरण के अनुसार अपने आप को छुपाने की कला से अवगत कराया गया।
जिसे फौजी भाषा में व्यक्तिगत कैमाफ्लाज एवं छुपाव कहते हैं।
साथ ही बीआरओ के द्वारा भारतीय सेना में भर्ती की योग्यता की
संपूर्ण जानकारी कैडेटों को दी गई। लेफ्टिनेंट कर्नल ईला वर्मा एवं लेफ्टिनेंट कर्नल
राकेश रोशन की उपस्थिति में कैडेटों के लिए आयोजित यह सेक्शन फॉरमेशन का
डेमोंसट्रेशन कैडेटों के लिए प्रेरणादाई रहा। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट उषा बालचंदानी
,सारनाथ सिंह, मयंक सिंह ,
चीफ ऑफिसर एलबी सिंह ,थर्ड ऑफिसर राजकुमार
जायसवाल ,सीटीओ गिरीश गोधनी ,सूबेदार
मेजर कानाराम सूबेदार पंचम सिंह सहित
समस्त पी स्टाफ उपस्थित रहे।